खाटु वालो यो मनडे भाय गयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज- मरुधर में ज्योत जगाय गयो...

खाटू नगर रे माहीने , बणीयो आपरो धाम

भक्तो रा दुखड़ा दूर करे ,पल में बाबो श्याम

खाटु वालो यो मनडे भाय गयो

दिलडा में ज्योत जगाय गयो

म्हारो साँवरियो गिरधारी

खाटू वालो यो श्याम बिहारी

है अहिलावती रा लाल , शरण में थारो लियो

शरणे आयोडा भक्ता रो दुख दूर करो

खाटु वालो यो मनडे भाय गयो....

खाटू धाम में मंदिर न्यारो

जठे बेठो सांवरो प्यारो

श्रद्धा भाव से इणने जो धयावे

बण जावे यो ऊण रो सहारो

श्री श्याम देवायः जो मंत्र जपे

दुख संकट ना आवे जी कदे

म्हारो साँवरियो गिरधारी

खाटू वालो यो श्याम बिहारी

है अहिलावती रा लाल , शरण में थारो लियो

शरणे आयोडा भक्ता ने थे दर्श दियो

खाटु वालो यो मनडे भाय गयो....

बाबो कलयुग रो अवतारी

जिन्हें जाणे दुनिया सारी

हारे को यो बाबो सहारो

सुनीता यो तारन हारो

बाबो मंद मंद मुस्काय रहियो

दिलबर यो दिल मे समाय गयो

म्हारो साँवरियो गिरधारी

खाटू वालो यो श्याम बिहारी

है अहिलावती रा लाल , शरण में थारो लियो

शरणे आयोडा भक्ता ने थे दर्श दियो

खाटु वालो यो मनडे भाय गयो

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीपसिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।