मेरे श्याम का मेरे घनश्याम का जन्मदिन आया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज . ओ मेरे ढोलना ओ मेरे साजना....

अलाप...ओ..ओ..ओ...ओ...

मेरे श्याम का , मेरे घनश्याम का

जन्मदिन आया है , बाबा श्याम का

खाटु वाले का , हो लीले वाले का

ये जन्मउत्सव है , श्याम मतवाले का

हो... मेरे श्याम का.....

आया ,शुभ दिन ,आया है

लाया ,खुशियाँ ,लाया है ...हो..

श्याम, प्रेमियों, को बुलायेंगे

जन्मदिन ,मिलकर , मनाएंगे

मिली सौगात है , वाह क्या बात है

गूंजे जयकारा , मेरे श्याम का

हो ..मेरे श्याम का , मेरे घनश्याम का.....

हेप्पी , बर्थ डे , टू यू साँवरे

झूमे , नाचे , हम होके बावरे ...हो...

उत्सव , मनाये , तेरा धूमधाम से

आजा ओ, बाबा , खाटुधाम से

निहारूँ एक नजर , तुझको में " दिलबर "

आओ दीदार करे , हो बाबा श्याम का

हो ..मेरे श्याम का , मेरे घनश्याम का

जन्मदिन आया है , बाबा श्याम का

हो ..मेरे श्याम का , मेरे घनश्याम का.....

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीपसिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।