शामा वे मेरी मटकी भर दे

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यमुना किनारे गोपी पुकारे आ शामा

आवो साहमने कोलो दी रूस के ना जा शामा

शामा वे मेरी मटकी भर दे,

भर मटकी मेरे सिर ते धर दे,

चार कदम संग चल वे,

शामा वे मेरी मटकी भर दे,

शामा वे मैनू दूर न समझी,

कुञ्ज गली मेरा घर वे,

शामा वे मेरी मटकी भर दे,

शामा वे मैनू काली न समझी,

गोरा चिट्टा मेरा रंग वे,

शामा वे मेरी मटकी भर दे,

शामा वे मैनू कुंवारी न समझी,

शाम सूंदर मेरा वर वे,

शामा वे मेरी मटकी भर दे,

यमुना किनारे गोपी पुकारे आ शामा

आवो साहमने कोलो दी रूस के ना जा शामा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।