मान जाओ मेरे बांके बिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बैठो पास मेरे न आज कही तुम जाओ,

अपनी मुरली की धुन बजा के मुझको सुनाओ

करती है रिकवेस्ट तुम से राधा तुम्हारी

अब मान जाओ मेरे बांके बिहारी

मीठी मीठी बातो में मैं अब ना आउंगी,

छोड़ के एक पल तुझको कही ना जाउंगी

मेरे संग अब बिताना पड़े गा तुमको समय ये सारी,

अरे मान जाओ मेरे बांके बिहारी

मैया से छुपा के मिलने तुम से आई हु

बात ये न सखियों से बताई हु

ऐसे न तंग करो तुम समजो मेरी लाचारी

मान जाओ मेरे बांके बिहारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।