शिव का रूप सलोना भेरव देता सब सोगाते

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव का रूप सलोना भेरव देता सब सोगाते

दर्शन मात्र से पूरी होती सब की सारी मुरादे,

शिव का रूप सलोना भेरव देता सब सोगाते,

तीन लोक में डंका बाजे तीन नेत्र वाले भेरव का

इनसे बड़ा फ़कीर न कोई शानी नही इनके भेभ्व का

मन की बात पूरी करदे मन की बात पहचाने

शिव का रूप सलोना भेरव देता सब सोगाते,

भक्त जो इनके मन भा जाए उनको न कोई जग में रोके

अंत समय जो काशी जाए परम धाम को वो तो पोंछे,

काशी नगरी पूरी करदे भगत जो सपने संजोते

शिव का रूप सलोना भेरव देता सब सोगाते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।