मेरी झोंपड़ी के भाग-श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी झोंपड़ी के भाग, आज खुल जाएँगे,

श्याम आएँगे ll

*श्याम आएँगे आएँगे, श्याम आएँगे ll

मेरी झोंपड़ी के भाग, आज खुल जाएँगे,

श्याम आएँगे ॥

श्याम झूलेंगे तो, पालना झुलाऊँगी l

मीठे मीठे मैं, भजन सुनाऊँगी ll

हो मेरी जिंदगी के ll, सारे दुःख मिट जाएँगे,

श्याम आएँगे l

मेरी झोंपड़ी के भाग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

श्याम आएँगे तो, आंगना सजाऊँगी l

दीप जलाके मैं, दिवाली मनाऊँगी ll

हो मेरे जन्मो के ll, सारे पाप मिट जाएँगे,

श्याम आएँगे l

मेरी झोंपड़ी के भाग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं तो रूच रूच, भोग लगाऊँगी l

माखन मिश्री मैं, श्याम को खिलाऊँगी ll

हो प्यारी प्यारी राधे ll, प्यारे श्याम संग आएँगे,

श्याम आएँगे l

मेरी झोंपड़ी के भाग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मेरा जनम, सफल हो जाएगा l

तन झूमेगा और, मन गीत गाएगा ll

हो श्याम सुन्दर मेरी ll, किस्मत चमकाएँगे,

श्याम आएँगे l

मेरी झोंपड़ी के भाग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

नटखट बँसी वाले, गोकुल के राजा,

मेरी अख्खियाँ, तरस गई अब तो आजा llll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।