भरे हिलोला लेय ओ राधा भरे हिलोला लेय

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भरे हिलोला लेय ओ राधा भरे हिलोला लेय,

नखराली राधा यमुना पे जल भरे हिलोला लेय

ईत यमुना उत गोकुल नगरी बीचे बरसानो धाम,

आती जाती गुजर्या सु मांगे दही को दान,

ओ नखराळी राधा यमुना पे जल भरे हिलो लेय

आदि नदी मे जूजलो रे आदि नदी मे किच,

ओ साथ सख्या मिल रास रचावे मोहन वाके बिच,

ओ नखराळी राधा यमुना पे जल भरे हिलो लेय

मुकुंद रावल की विनती जी सूनजो कृष्णमुरार,

चरणा मे अर्जी करू जी जोडु दोनी हाथ,

ओ नखराळी राधा यमुना पे जल भरे हिलो लेय....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।