जिसकी नैया राम भरोसे डोल भले सकती है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिसकी नैया राम भरोसे डोल भले सकती है

डूब नही सकती है ,

जिसकी नैया राम भरोसे डोल भले सकती है

मत गबराना तू संकट आये है,

संकट भी इक दिन जाल बिछाएगे,

तू है प्रेमी राम लला का तुझपर असर न होगा

बाल न बांका होगा

देर भले हो जाए गाडी छुट नही सकती है

डूब नही सकती है ,

सुनहु भरत भाबी प्रबल दिल की कहू मुनि नाथ,

हानि लाभ जीवन मरन यश उप्वश विधि आ गेयु,

कहे हनुमंत विपति प्रबु सोही जब तब सुमिरन भजन न होई

जई विधि होई नाथ हित मोरा करहु सोवेग दास मैं तोरा

केलाश देवेंदर साथ रहेगे गुरु बिर्ज मोहन से देर न हो सकती

डूब नही सकती है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।