देव दीपावली आज मनाये संग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

धाम काशी में आज हम जाए

जाके गंगा में डुबकी लगाये,

विशव के नाथ को धाये हर दम,

देव दीपावली आज मनाये संग हम

गंगा के तट पर दीये हम जलाए

मन के अँधेरे को दूर छोड़ जाए,

इन लवो पे प्रभु बस तेरा नाम हो

जब तक हो अपनी सांसो में ये दम,

देव दीपावली आज मनाये संग हम

इस शुभ वेला में कहे दिल मेरा छुटे कभी न ये भोले संग तेरा

न बुलाना कभी हे विशव नाथ जी,

अपनी भगती ओ देवा न हो कम

देव दीपावली आज मनाये संग हम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।