असी जाइये तेरे उतो कुरबान गुरु जी

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साडे कर दिते पुरे अरमान गुरु जी,

असी जाइये तेरे उतो कुरबान गुरु जी

कीने पूछना सी जे तू न मिलदा

किह्नु हाल सूनादे असी दिल दा

साडे हर दम रेहन्दे निगहेवान गुरु जी

असी जाइये तेरे उतो कुरबान गुरु जी

खैर बंड दे ते खाली झोली भर दे

हल मुस्किला सब दिया कर दे

तुसी संगता दी अपने हो जान गुरु जी

असी जाइये तेरे उतो कुरबान गुरु जी

साडा होंसला नही हूँ टूटू सकदा

तेरा दर नहियो हून छुट सकदा

बन गेरा दी गए पेहचान गुरु जी

असी जाइये तेरे उतो कुरबान गुरु जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।