हे सूर्ये नारायण ये विनती हमारी

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

हे सूर्ये नारायण ये विनती हमारी,

सदा खुश रहे बस तुम्हारे पुजारी,

जो चलती है सांसे ये तेरा कर्म है

तुम्हारे बिना स्वामी दुनिया भ्रम है,

असंमब जगत में है जीवन तेरे बिन

याहा के सभी प्राणी तेरे आभारी

हे सूर्ये नारायण ये विनती हमारी,

सदा खुश रहे बस तुम्हारे पुजारी,

सतरंगी किरने है जैसे हो सरगम

जो करती उजाला मिटा देती है दम,

झुकती है नजरे सभी तेरे आगे,

तेरी सात अश्रु की अद्भुत सवारी

हे सूर्ये नारायण ये विनती हमारी,

सदा खुश रहे बस तुम्हारे पुजारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।