गजानन्द प्रभु तुझको आना पड़ेगा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजानन प्रभु तुझको आना पड़ेगा,

रिद्धि सिद्धि को साथ लाना पड़ेगा,

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा,

तेरे वास्ते ला के प्रसाद रखा,

तेरे वास्ते ला के प्रसाद रखा,

तेरे वास्ते ला के प्रसाद रखा,

तुझे आके भोग लगाना पड़ेगा,

रिद्धि सिद्धि को साथ लाना पड़ेगा,

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा,

तेरा नाम शुभ लाभ है देने वाला,

तेरा नाम शुभ लाभ है देने वाला,

तेरा नाम शुभ लाभ है देने वाला,

दर्शन तुम्हे अब दिखाना पड़ेगा,

रिद्धि सिद्धि को साथ लाना पड़ेगा,

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा।।

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो,

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो,

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो,

करम उसपे तुझको दिखाना पड़ेगा,

रिद्धि सिद्धि को साथ लाना पड़ेगा,

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा।।

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा,

रिद्धि सिद्धि को साथ लाना पड़ेगा,

गजानंद प्रभु तुझको आना पड़ेगा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।