और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खुशियों से झोली भरी ज़िंदगी ये संवर सी गई

और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई

दुनिया थी रूठी हर आस टूटी कोई ना अपना रहा

कमज़ोर था दिल हर पग पे मुश्किल कोई ना सपना रहा

बिन पानी मछली सी हालत मेरी हो गई

और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई

रो रो के सबने हर बात पूछी पीछे से हँसते रहे

घनघोर ग़म के छाये थे बादल मुझपे बरसते रहे

तक़दीर की जैसे चाबी मेरी खो गई

और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई

रेहमत शिखा पे रखना सदा तुम इतनी से अरदास है

बनकर के साया संग तुम चलोगे दिल में ये विश्वास है

सोनी की ये ज़िन्दगी अब तेर हो गई

और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।