हरे राम हरे राम हरे कृष्णा कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरे राम हरे राम, हरे कृष्णा कृष्णा ll,

भज ले रे बंदे मन की ll, मिट जाए तृष्णा,

मिट जाए तृष्णा,,,

हरे राम हरे राम, हरे कृष्णा,,,,,,,,,,,,,,

भक्ति और भाव से, श्री राम सदा मिलते हैं,

प्रेम से प्रेममय, घनश्याम सदा मिलते हैं ll

शबरी और मीराँ ने खुद ll, देखा करिश्मा,

देखा करिश्मा,,,

हरे राम हरे राम, हरे कृष्णा,,,,,,,,,,,,,,

भक्ति प्रह्लाद जैसी, कोई कर दिखाए तो,

आ ही जाते हैं, कोई द्रोपदी बुलाए तो ll

*बुला ले प्रभु/हरी को तूँ भी ll, आएंगे तेरे अँगना,

आएंगे तेरे अँगना,,,

हरे राम हरे राम, हरे कृष्णा,,,,,,,,,,,,,,

हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे ,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे llll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।