उधो क्या बताये तुमे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उधो क्या बताये तुमे इस दिल की बीमारी का

गये छोड़ तडपते हमे क्या बिगाड़ा बिहारी का

उधो क्या बताये तुमे इस दिल की बीमारी का

ढूंढे ब्रिज गलियां में बन के मैं वावरियां

बस इक झलक चाहू ना सताओ तुम सांवरियां

बहे नैनं से जो क्या करे जल धारी का

गये छोड़ तडपते हमे क्या बिगाड़ा बिहारी का

रात सपने में आ मोहन झूठा दे दिलासा गये,

राह तकते मोहन तुम दे कर के झांसा गए,

बेहाल हुई गम में हल दे सिरहारी का

उधो क्या बताये तुमे इस दिल की बीमारी का

कौन नगरी में जा के बसे जो बुल गए हम को

बाबा किस में मिला के पिए ओ बिहारी तेरे गम को

अब सबर का बाँध टुटा इस राधा विचारी का

उधो क्या बताये तुमे इस दिल की बीमारी का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।