कभी माँ के द्वारे जा कर तो देखो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गमे जिन्दगी फूल बन कर खिले गी

कभी माँ के द्वारे पे आकर तो देखो

तेरे दर्द गम सारे पल में मिटेंगे

कभी दर्द गम तुम सुना कर तो देखो

बिगड़ा मुकदर बनाती है मैया

रोते हुए को हसाती है मैया

मेरी माँ के दर पे सब कुछ मिलेगा

कभी अपनी झोली फैला कर तो देखो

बिछड़े हुयो को मिलाती है मैया

डूबे हुयो को बचाती है मैया

नही इस के जैसा दयालु जहां में,

कभी सचे दिल से बुला कर तो देखो

कभी माँ के दर पर आ के तो देखो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।