क्या बंसी बजाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या बंसी बजाई क्या तान सुनाई ओह मेरे सांवरियां

दिन रेन नींद मेरी खोई मैं हो गई वन्वारियां

सांवरियां सांवरियां सांवरियां

बंसी बट पे बंसी बजाई सखी सेजरी दोडी आई,

यु बंसी बजाई मेरे मन में समाई

ओ मेरे सांवरियां दिन रेन नींद मेरी खोई मैं हो गई वन्वारियां

सांवरियां सांवरियां सांवरियां

जादूगरनी बंसी तेरी हां बंसी तेरी चैन चुरा के लै गई मेरी,

करे दिल की चोरी ये बंसी तेरी

ओ मेरे सांवरियां दिन रेन नींद मेरी खोई मैं हो गई वन्वारियां

सांवरियां सांवरियां सांवरियां

तेरी बंसी का सुन के तराना हो गया है जमाना दीवाना,

है वृंदावन जाना के दिल ये दीवाना

ओ मेरे सांवरियां दिन रेन नींद मेरी खोई मैं हो गई वन्वारियां

सांवरियां सांवरियां सांवरियां

मुकेश शर्मा को ऐसा वर दो अपने नाम का पागल कर दो,

कुनाल संग लाऊ मैं महिमा तेरी गाऊ

ओ मेरे सांवरियां दिन रेन नींद मेरी खोई मैं हो गई वन्वारियां

सांवरियां सांवरियां सांवरियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।