मिल जाए सारी खुशियाँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

छठ माई के जो वर्त संग सूरज को मन से ध्याये,

मिल जाए सारी खुशियाँ संतान सुख वो पाए,

छठ माई की किरपा से संताप मिट ते सारे,

संतान मिले उनको जो है मैया के सहारे,

पूजा करे जो विध से अन फूल फल चडाये,

मिल जाए सारी खुशियाँ संतान सुख वो पाए,

उपास छठता जो भी करता है भाव के संग

दुःख उस को न सताए सुख छोड़ ते नही संग

सुबह शाम सूर्ये पूजा श्रधा से जल चड़ाये

मिल जाए सारी खुशियाँ संतान सुख वो पाए,

बच्चो की करते रक्शा लम्भी उमर है देती,

कर जाए नाम अमर वो माँ ऐसा वर है देती,

महिमा छठ माई की जो भाव् से है गाये

मिल जाए सारी खुशियाँ संतान सुख वो पाए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।