बाबा मैं हार गया हूँ मुझको जिताने आजा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मैं हार गया हूँ मुझको जिताने आजा

डूबती नैया को कन्हैया बचाने आजा

बाबा मैं हार गया हूँ .................

तेरे बिन बाबा मेरा और ना सहारा है

हारे ने हारे के सहारे को पुकारा है

तू अगर रूठा तो बोल कहाँ जाऊंगा

तेरे बिन बाबा एक पल भी जी ना पाउँगा

धीर टूटा मेरा तू धीर बढ़ाने आजा

डूबती नैया को कन्हैया बचाने आजा

बाबा मैं हार गया हूँ .................

तेरा साया तो हर गम को भुला देता है

गम के मारों को खुशियों से मिला देता है

श्याम तू प्यारा हर प्रेमी का दुलारा है

दिल ये हारा है ये दिल भी तुम्हारा है

दिल ये रो रो रहा इस दिल को मनाने आजा

डूबती नैया को कन्हैया बचाने आजा

बाबा मैं हार गया हूँ .................

तेरे आमिर के आँखों में आंसुओं की झड़ी

ग़म का सागर है मंझधार में नैया है पड़ी

तू तो सब जाने जाने है भला क्या मैं कहूं

तेरे होते हुए दुखडो को भला क्यों मैं सहूँ

भीगी पलकों में खुशियों को सजाने आजा

डूबती नैया को कन्हैया बचाने आजा

बाबा मैं हार गया हूँ .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।