यार मेरा है श्याम धनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धुन- क्या मिलिए ऐसे लोगों से

इस बेदर्द ज़माने का, अब रहा मुझे एतबार नहीं l

यार मेरा है श्याम धनी, किसी और की अब दरकार नहीं ll

जब से यारी हुई श्याम संग, हर पल मौज़ उड़ाता हूँ,

अपने सुख दुःख की केवल, "मैं इनको ही बतलाता हूँ" ll,,

जितना इसने प्यार दिया, है दिया किसी ने प्यार नहीं l

यार मेरा है श्याम धनी, किसी और की अब दरकार नहीं l

देख लिया हर रिश्ता मैंने, देख लिया हर नाता है,

जैसा रिश्ता श्याम निभाता, "वैसा कौन निभाता हैं" ll,,

झूठें हैं जग के सब रिश्ते, श्याम सा रिश्तेदार नहीं l

यार मेरा है श्याम धनी, किसी और की अब दरकार नहीं l

*राजा हो या रंक सभी को, एक बराबर माने हैं,

सब के मन की, बात यह शर्मा, "अच्छी तरह से जाने हैं" ll,,

न्यायधीश नहीं श्याम के जैसा, खाटू सी सरकार नहीं l

यार मेरा है श्याम धनी, किसी और की अब दरकार नहीं l

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।