शिर्डी वाला साईं मेरा जग का पालनहार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांई की चोखट पर बनते बिगड़े सब काम है

शिर्डी वाला साईं मेरा जग का पालनहार है,

शिर्डी मेरी मथुरा काशी शिर्डी चारो धाम है

साईं मेरे कृष्ण कन्हियाँ साईं मेरे राम है,

महाराष्ट्र की पवन भूमि इसको मेरा परनाम है

शिर्डी वाला साईं मेरा जग का पालनहार है,

इस कोने से उस कोने तक तेरा रूप समाया है

धुप गाव और पाथरी में मेरे साईं जी का साया,

नानक भोला साईं मेरा किसी का वो घनश्याम है

शिर्डी वाला साईं मेरा जग का पालनहार है,

पीर फ़कीर वो साईं ऐसा सब के मन को भाया है,

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई दर पे तेरे आया है

है दीवाने साईं तुम्हारे सब के लब पर नाम है

शिर्डी वाला साईं मेरा जग का पालनहार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।