जग में निराली प्रभु शान आप की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग में निराली प्रभु शान आप की

सब को नही है प्रभु पहचान आप की

जग में निराली प्रभु शान आप की

कैसे रहू बिना तेरे दिल भी नही लगता,

हर वक़्त हर घडी तेरी याद है करता,

जीना नही है तुम बिन मेरा सब छीन गया है तुम भी मेरा

जग में निराली प्रभु शान आप की

तेरे बिना जिन्दगी ये मेरी अधूरी है,

होगी ये पूरी जब तेरी मंजूरी है,

क्या चाहता हु केह न सकू गा,

दुरी तुम्हारी मैं सेह न सकू गा,

जग में निराली प्रभु शान आप की

दुनिया से अब मुझे कुछ नही लेना देना,

दोलत मेरी है तेरा मुस्कुरा देना,

नीरज तुम्हारा प्रभु दास है

हम राही की बस तू ही आस है,

जग में निराली प्रभु शान आप की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।