गुरुदेव की करू आरती , मन मं ध्यान लगाय क गुरुदेव का दर्शन सु यो जनम सफल हो जाय हैं

पारंपरिक
अन्य आरती गुरुदेव भजन aarti
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव की करू आरती , मन मं ध्यान लगाय क

गुरुदेव का दर्शन सु यो जनम सफल हो जाय हैं।

गुरुदेव की महिमा प्यारी, जग म बरणी जाय है ।

गुरुदेव की चरण धूलि पर , जग न्यौछावर जाय है।।

गुरुदेव का दर्शन खातिर, नैनन जल भर आय है

गुरुदेव का दर्शन सु यो......

प्रातः उठाऊ गुरुदेव न , स्नान कराऊ गुरुदेव न ।

केसर कपूर को चन्दन लगाऊँ , इत्र लगाऊ गुरुदेव न।।

तुलसी मोगरा को पहनाऊँ गजरो, कलकत्ता सु मंगाय क

गुरुदेव का दर्शन सु यो......

थारी सेवा खातिर स्वामीजी , घर बार सब छोड़ दिया।

गुरु शिष्य का रिश्ता खातिर सब सु रिश्ता तोड़ दिया।।

न कोई रिश्ता न कोई नाता , सब मोह माया जाल है

गुरुदेव का दर्शन सु यो.....

गुरु शिष्य का रिश्ता न यो, जग बलिहारी देव है।

ठाकुर भी कुछ करण सु पेल्या, गुरु की आज्ञा लेव है।।

गुरुदेव की वाणी खातिर, यो मनड़ो ललचाय है

गुरुदेव का दर्शन सु यो......

गुरुदेव की करू आरती , मन मं ध्यान लगाय क

गुरुदेव का दर्शन सु यो जनम सफल हो जाय हैं।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।