श्याम तुम्हारे श्री चरणों में करते है सत सत नमन

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तुम्हारे श्री चरणों में करते है सत सत नमन

पूजा अरचन नंदन वंदन सब तेरा तुझको अर्पण

कीर्तन में आ चाँद सितारे अपनी शान समजते है

रंग बिरंगे फूल धरा पर पंशी प्यारे चेह्कते है

सुबह शाम नित धडवत करता इस धरा पे आके गगन,

श्याम तुम्हारे श्री चरणों में करते है सत सत नमन

मर्यादा हमे सिन्धु सिखाता धीरज भीलनी के भगती,

पापी अधर्मी कंस को तारे रावन को देदे मुक्ति

संत कबीर सूर्ये दास का धन्य किया तूने जीवन

श्याम तुम्हारे श्री चरणों में करते है सत सत नमन

हिमालया जैसा साहस भर दो श्याम किरपा हम पर करके

मीरा के जैसे मस्त रहू मैं प्याला हला हल पी कर के

गोपाल हमारे संग में रहो तो रास रचाए होके मगन

श्याम तुम्हारे श्री चरणों में करते है सत सत नमन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।