शिव कैलाशो के वासी धानी धारो के राजा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव कैलाशो के वासी धानी धारो के राजा,

शंकर संकट हरना

तेरे कैलाशो का अंत न पाया,

अंत व्यंत तेरी माया,

शंकर संकट हरना,

शिव कैलाशो के वासी धानी धारो के राजा,

दीनन के प्रभु शंकर प्यारे,

भगत के मन में विराजे

शंकर संकट हरना

शिव कैलाशो के वासी धानी धारो के राजा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।