मंदिर का ध्वजा लहराया है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

के दुनिया वालो अब फिर राम धनुष उठ आया है

मंदिर का ध्वजा लहराया है

फिर से राम राज्य का युग ने विघुल बजाया है

मंदिर का ध्वजा लहराया है

जिनके नाम से पत्थर तैरा होगा क्या कोई ऐरा गेरा,

संग में हनुमान सुघ्रीव की सेना लाया है

मंदिर का ध्वजा लहराया है

जिसने रावन को संगारा

चुन चुन कर असुरो को मारा,

पत्थर बनी अहिलिया तरी जो चरण चुहाया है

मंदिर का ध्वजा लहराया है

जिनके साथ मनुज तन धारे सारे देव देविंदर पधारे,

गुरु ब्रिज मोहन कुलदीप अनंत हरी की माया है

मंदिर का ध्वजा लहराया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।