मने सुनी मेरी मैया रानी भर भर झोली बांटे से

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मने सुनी मेरी मैया रानी भर भर झोली बांटे से

मेरी बारी कब आवेगी मने क्यों पाछे ने राखे से,

लक्ष्मी रूप में धन देती हो यु दुनिया मे रूपा जी

आता ने दिन बहुत हो लिए मैं तो राख लिया सुखा जी

देख ले तू मेरी तरफ भी हिया जिगर का पाते से,

मने सुनी मेरी मैया रानी भर भर झोली बांटे से

सब कामो में अड़चन मेरे बीच भवर में फस गया

मेरा मरण लोगो की हंसी संकट कौन सा कस गया

आस लगाई तेरी मैया तू विपदा सारी काटे से

मने सुनी मेरी मैया रानी भर भर झोली बांटे से

शरण पड़े की लाज राख ले सुनो मेरी महारानी

केह हरी ॐ बिना धन दोलत खराब रहे जिंदगानी,

करिए मेहर रेहम की मैया क्यों ज्यादा तरसावे से

मने सुनी मेरी मैया रानी भर भर झोली बांटे से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।