मन में मनन कर शरधा सबुरी

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॥ पावन पाठ ॥

साईं शरण बिन जिन्दगी अधूरी

मन में मनन कर शरधा सबुरी

साईं शरण बिन जिन्दगी अधूरी

चाहे गम कितना भी भारी,

साईं के दर आ इक बारी

कट जायेगे संकट सारे मिट जायेगी विपदा सारी,

सारी चिंता दूर करे वो दूर करे मज़बूरी

मन में मनन कर शरधा सबुरी

साईं की हर बात है सांझी सांचा है हर इक कथन,

सब का मालिक इक है सांचा सांचे सांचे ग्यारा वचन,

चड़े समाधि की सीडी पर आशा हो पूरी

मन में मनन कर शरधा सबुरी

श्रधा सबुरी है गीता श्रधा सबुरी रामयाण,

श्रधा सबुरी राम और श्याम भोले नाथ और नारायण

साईं के नजदीक करे वो मिट जाए सब दुरी

मन में मनन कर शरधा सबुरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।