जन्म दिन श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ गई ग्यारस की ये रात भजनो की है सोगात

रंग बिरंगे फूलो से सजा बाबा का दरबार

माखन मिश्री का देखो केक मंगवाया

इतर से मेहके दरबार

ज्योत जगी है देखो मेरे श्याम धनि की देखो छाई है अजब बहार,

जन्म दिन श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

ये उत्सव श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

आज लगा मेला मेरे बाबा का भारी

हो दर पे शीश जुकाते देखो सारे नर नारी

हीरे मोती से तेरा भागा सजाया लगी किनारी घोटे धार

तीन बाण धारी मेरा सांवला सलोना देखो हो गया है लीले असवार,

जन्म दिन श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

तू छेलछबीला है तू बड़ा रंगीला है

तुझे भजन लगे प्यारे तू बड़ा रसीला है

मुरली बजाए देखो सब को रिजाये देता है सब को वरदान

हमने बुलाया तुमे अपने आंगन में हमे दर्शन दिखा दो बाबा श्याम

जन्म दिन श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

तेरी अमर कहानी है तू शीश का दानी है

हारे का सहारा है चंदू तो प्यारा है

बिगड़ी हमारी बनानी पड़े गी नैया लगा दो पार

अपनी भगती का हमे वरदान देदो कर दो लाखो करोडो की बोछार,

जन्म दिन श्याम का झूमो नाचो सब दे दे ताल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।