श्याम पधारे हैं हमारे घर श्याम पधारे हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम पधारे हैं हमारे घर श्याम पधारे हैं

ख़ुशी जहाँ की मिली आज तो जागे भाग हमारे है

श्याम पधारे हैं..................

लीले पे चढ़के भक्तों के घर आये

मुरझाये मन की बगिया के फूल सभी हर्षाये

जग के रखवारे हैं हमारे घर श्याम पधारे हैं

श्याम पधारे हैं ................

बंद किस्मत का करे फैसला मोरछड़ी लेहरके

ना मानो तो एक बार देखो खाटू नगरी जाके

हारे के सहारे हैं हमारे घर श्याम पधारे हैं

श्याम पधारे हैं ................

मेरा मन ऐसे नाचे ज्यूँ मोर नाचता वन में

लखदातार ख़ुशी बरसाए भक्तों के आँगन में

गूंजे जैकारे है हमारे घर श्याम पधारे हैं

श्याम पधारे हैं ................

आज जगी तक़दीर हमारी संकट मिट गए सारे

चाकर किशन चाकरी करके हो जाए वारे न्यारे

सब जानन हारे हैं हमारे घर श्याम पधारे हैं

श्याम पधारे हैं ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।