मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

सुध बुध खो गई रे म्हारी हये रे म्हारी सुध बुध खो गई रे

खाटू नगरी झूम रही है ऐसो शुभ दिन आयो रे,

जन्म दिवस मेरे श्याम धनी को आज वधाई गाओ रे

वंवारियां हो गई रे हये रे वन्वारियां हो गई रे

मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

छोटो सो यो टाबरियो तो टिम टिम आँख मिलावे है

पलानिये में सुतो सुतो नैन सु नैन मिलावे है

सुपना में खो गई रे हाय रे सुपना में खो गई रे

मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

रूप सलोनो चोखो लागे बाबो भोलो भालो रे

नजर कही लग जावे न कोई तिलक लगाओ कालो रे

मैं थारी हो गई रे हाए रे मैं तो थारी हो गई रे

मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

कलयुग रो अवतारी म्हारो बाबा खाटू वालो रे ,

महिमा थारी बबलू गावे खोलो घट को तालो रे,

चरना में रम गई रे पूनम चरना में रम गई रे

मैं तो देखो ऐसो टाबरियो मेरी सुध बुध खो गई रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।