रह ना पाऊंगा श्याम मैं रह ना पाऊंगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रह ना पाऊंगा श्याम मैं रह ना पाऊंगा

मेरे मन की बातें बाबा किसे बताऊंगा

रह ना पाऊंगा .................

वो खाटू की गलियां मुझे तड़पाती हैं

वो लीले वाले की याद दिलाती है

छलक रहे हैं प्रेम के आंसू आँखों से मेरे

तू ही बता कैसे समझाऊं अब मन को मेरे

रह ना पाऊंगा .................

बताओ सांवरिया कहाँ मैं जाऊँगा

ये संकट की घड़ियाँ मैं भूल ना पाऊंगा

दिन कटता ना कटती रातें यादों मैं तेरे

बाँध ली मैंने प्रीत की डोरी चरणों से तेरे

रह ना पाऊंगा .................

छोड़ कर दुनिया को तेरे दर आया हूँ

संभालोगे मुझको ये आशा लाया हूँ

सिर पर हाथ फिराओगे तुम आकर के मेरे

सुरेश राजस्थानी बैठा चरणों में तेरे

रह ना पाऊंगा .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।