ओ मैया मैंने ज्योत जगाई तेरे नाम की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेर ते सवार होके आजा शेरावालिये

ज्योत जगाई तेरे नाम की

कब से खड़ी हु द्वार पे तेरे

दूर भी करदो माँ मेरे अंधेरे

ज्योता वाई लाटा वाली कर दो किनारे मेरे काम भी

ओ मैया मैंने ज्योत जगाई तेरे नाम की

बीच मजधार के ढोले मेरी नैया

अब तो पार लगादो मेरी मैया

शेरोवाली मेहरो वाली करदो किनारे मेरे काम भी

ओ मैया मैंने ज्योत जगाई तेरे नाम की

आजा मेरी आंबे आजा भवानी

मेरे नगर तू अब जग कल्याणी,

आंबे रानी माँ कल्याणी करदे किरपा तू मेरे भी

ओ मैया मैंने ज्योत जगाई तेरे नाम की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।