जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

विघन हरे गणपति दे सुख समृधि माता,

दीप जले है घर घर श्री गणेश आओ

देवी लक्ष्मी माता सुख समृधि लाओ

पूजो चरण दोनों के पुजू हित करनी माँ

आरती वंदन शत शत जय हो कमल नैनी माँ

जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

चोक पुरे द्वार द्वार चरण धरो माता

मंगल मूर्ति के संग घर में आओ माता

अष्ट लक्ष्मी पधारो पूजी दुःख हरनी माँ

आरती वंदन शत शत जय हो कमल नैनी माँ

जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

गोरी नंदन गणेश सिन्धु पुत्री कमला

देवो के गनराजा विष्णु प्रिये कमला

निर्धनों पे दया करो शुभ देकर कल्याणी माँ

आरती वंदन शत शत जय हो कमल नैनी माँ

जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

भूल कोई हो देवा चुक कोई हो माता,

हाथ जोडू छमा करू चरण पडू सुनो माता

हम सब पर दया करो जय मंगल करनी माँ

आरती वंदन शत शत जय हो कमल नैनी माँ

जय गणेश जय गणेश जय लक्ष्मी माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।