हम प्रेमी हैं श्याम के गर्व से कहते हम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम प्रेमी हैं श्याम के गर्व से कहते हम

श्याम का प्रेमी बनूँ हमेशा लूँ मैं जब भी जनम

मुझे याद है याद है याद है वो दिन

न मंज़िल था ना ही थकना ना था कोई सहारा

सनरिया ने बदल दी किस्मत करके एक इशारा

मुझे याद है..................

देखि मैंने दुनिया दारी देखे रिश्ते नाते

सुख के साथी हैं सब सारे दुःख में नज़र ना आते

देखा मैंने सबसे अलग है मेरा खाटू वाला

जब हँसते थे अपने मुझपे इसने मुझे संभाला

मुझे याद है..................

हम निर्धन का सेठ सांवरा है विश्वास हमारा

मौज से गुज़रे अब दिन मेरे जबसे दिया सहारा

मुझ हारे को जीत का तोहफा देके हंसना सिखाया

अपनी कृपा के फूल से मेरा ये जीवन महकाया

मुझे याद है..................

जबसे मैंने खाटू धाम की माटी माथे लगाईं

इस पावन माटी ने मेरी मुश्किल दूर भगाई

यहाँ के कण कण वास प्रभु का कुंदन इतना जाने

हर प्रेमी के मन की भाषा सांवरिया पहचाने

मुझे याद है..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।