मेरे सिर पे रख दो मैय्या

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सिर पे रख दो मैय्या हो अपने ये दोनो हाथ

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ॥

जुलस रहे है गम की धूप मे प्यार की छाया कर देना

बिन पानी के नाव चले ना अब पतवार पकड़ लेना

मेरा रास्ता रोशन कर दे छाई अंधियारी रात

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ॥

इसी जनम मे सेवा देकर बहुत बड़ा एहसान किया

तू ही दुर्गा तू ही काली मैने तुझे पहचान लिया

तेरा साथ रहे बरसो तक, बस रखले मेरी बात

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ॥

सुना है हमने शरणागत को अपने गले लगाते हो

ऐसा हमने क्या माँगा जो देने मे घबराते हो

चाहे जैसे रख दे मैय्या बस होती रहे मुलाकात

देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।