भोले का दीवाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी तेरे द्वार का,दीवाना तेरे प्यार का,

रहो मेरे साथ जी,मेरे भोले नाथ जी,

मिलता है सुख यह केवल शिवजी के नाम से,

पावन धरा यह सारी भोले चारों धाम से,

नमन संसार का,शक्ति संचार का,

रहो मेरे साथ जी मेरे भोले नाथ जी,

सर पर जटा है साजे गंगा की धारा है,

गले में है सर्प माला बिच्छू कान बाला है,

गजब श्रंगार का,चंद्र उजियार का,

रहो मेरे साथ जी,मेरे भोले नाथ जी,

अद्भुत स्वरूप तेरा लीला भी न्यारी है,

भक्तों को देने वाले भोले भंडारी हैं,

'सचिन 'ने यह उचारता,तुम्हें ही पुकारता।

रहो मेरे साथ जी,मेरे भोले नाथ जी।।

भोले जी तेरे द्वार का दीवाना तेरे प्यार का

रहो मेरे साथ जी मेरे भोले नाथ जी

लेखक&सिंगर सचिन निगम

Mo.8756825076

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।