सुनो हे साँवरिया सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( मेरी बात पे, साँवरे,

करो ज़रा तुम गौर,

किस को दुःख, जाकर कहें,

नटवर नन्द किशोर ll )

सुनो हे, साँवरिया सरकार ,

तुम बिन विपदा, कौन हरेगा ,

सौलहां कलां अवतार,,

सुनो हे, साँवरिया सरकार

फैली है, कैसी महमारी ,

संकट में है, दुनियाँ सारी ,

मुरली मधुर, सुना दो आकर ,

सुन लो करुण पुकार,,

सुनो हे, साँवरिया सरकार

तेरे दरस को, नैना तरसे ,

सावन भादों, तीज ज्यों बरसे,

समय आ गया, कैसा हो गए ,

मंदिर के बंद द्वार,,,

सुनो हे, साँवरिया सरकार

चमत्कार, ऐसा दिखला दो ,

दुःख संकट सब, दूर भगा दो ,

भीमसेन की इतनी बिनती ,

कर लेना स्वीकार,,,

सुनो हे, साँवरिया सरकार ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।