लख वारी करो शुकराना साईं धाम का

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी धाम की बात निराली दर से कोई लौटा न खाली

सिलसला चलता है यही सुबहो शाम का

लख वारी करो शुकराना साईं धाम का

सारे जग का पालनहारा मेरा भोला साईं

है बसेरा जिनका शिर्डी धाम द्वारका माई

इट का तकियां ले करता आराम था

लख वारी करो शुकराना साईं धाम का

एसी महिमा की बलिहारी शिर्डी वाले की

सिर पे छैइयां रेहमत की सब के रखवाले की

उधि का दुःख हरता तमाम का

लख वारी करो शुकराना साईं धाम का

सागर को भव पार लगाया साईं साईं गाया

मिटटी को कुंदन कर दे ये साईं का फरमाया

पंडित भी है दीवाना साईं धाम का

लख वारी करो शुकराना साईं धाम का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।