एक तू ही नज़र आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पट बंद करूँ नैनो के सपने में तू आये

खोलू जो नैन खिड़कियां खड़ा सामने मुस्काये

तेरे दर्शन को मेरे सांवरे रहे नैना ये बारे

एक तू ही नज़र आये बस तू ही नज़र आये

तेरी मोहिनी मूरत को जबसे देखा है सांवरे

मनमोहिनी मूरत को जबसे देखा हैं सांवरे

एक तू ही नज़र आये बस तू ही नज़र आये

एक तेरे सिवा मुझे सांवरे कोई दूजा न भाये

चितवन तेरे चंचल मुझे रह रह के तड़पाये

मेरे जीवन का बन गया है तू जीने का चाव रे

एक तू ही नज़र आये बस तू ही नज़र आये

लगी कैसी लगन ये प्रेम की तुझसे मुरली वाले

खुद मेरा दिल मुझ ही से अब ना सम्भले संभाले

दिल दीवाना कुंदन का हुआ है तुझपे ओ सांवरे

दिल दीवाना रानी का हुआ है तुझपे ओ सांवरे

एक तू ही नज़र आये बस तू ही नज़र आये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।