जय जय गोवर्धन महाराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय हॉवे तेरी जय हॉवे

मेरे गोवर्धन महाराज आप की जय हॉवे

तुमसा देव नही कोई दूजा

कलयुग में तेरी हॉवे पूजा

तुम सब के हो रखवार

आप के जय हॉवे

जय हॉवे तेरी जय हॉवे

जो भी भकत शरण तेरी आवे

उसपर आप किरपा बरसावे

वा के भर देते भंडार

आप की जय हॉवे

माधो दास तेरे गुण गावे

बस तेरा ही होना चाहे

मेरा कर दो बेडा पार

आप की जय हॉवे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।