चलो रे मन ,श्री वृन्दावन धाम २ रेट़गें , राधे राधे राधे राधे नाम- मिलेंगे , कुंज बिहारी औढ़ के कामर कारी ३

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो रे मन ,श्री वृन्दावन धाम ॥

रेट़गें , राधे राधे राधे राधे राधे नाम-

मिलेंगे , कुंज बिहारी औढ़ के कामर कारी॥

चलो रे मन ,श्री वृन्दावन धाम ॥

रेट़गें , राधे राधे राध राधेे राधे नाम-

मिलेंगे , कुंज बिहारी औढ़ के कामर कारी॥

सात कोस हम श्री यमुना जी जायेंगें॥

कर स्नान हम जीवन सफल बनाएंगें ॥

तेरे पूर्ण हो सब काम २

रेट़गें वहां राधे राधे राधे राधे राधे नाम-

मिलेंगे वहां कुंज बिहारी औढ़ के कामर कारी ॥

श्री वृन्दावन, नाम की , भारी हैं॥

महलन की ,सरकार श्री राधे जु प्यारी हैं॥

क्यों भटके खामा, खा॥

रेट़गें वहां राधे राधे राधे राधे राधे नाम-

मिलेंगे कुंज बिहारी , औढ़ के कामर कारी॥

श्री वृन्दावन , धाम, श्री बांके बिहारी को॥

इकट्क होत न , दर्शन बाँके बिहारी को ॥

तू जप ले , आठो याम॥

रेट़गें वहां राधे राधे राधे राधे राधे नाम-

मिलेंगे कुंज बिहारी ,औढ़ के कामर कारी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।