हे काली माय गोर लगाई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे काली माय गोर लगाई छी हुओं सहाय,

हमरा देश पे सबके नज़र छै सबके लिहो बचाय,

सब त तिरछी नज़र से देखे केकरो नज़र नैय अच्छा छै,

उहो हमरा पे ताल ठोके छै जे हमरा लेग बच्चा छै,

जे हमरा पे साधै निसाना ओकरो निसाना दिहो घुमाय।

हे काली माय गोर लगायी छी......

हमरा पे कोई नै नज़र उठाबै अइसनो घुमबो सबके माथ,

ई सब ही शांति के प्रेमी एक्रो लाज अब तोरे हाथ,

ई मनकोमना पूरा करो माँ लड्डू देबै तोरा चढ़ाई,

हे काली माय गोर लगायी छी........

बाहुबली के मिली भगत छै अब दुख केकरा कहिये जाय,

चारो तरफ बारूद बिछल छै अब केतना दिन साहिये माँ,

जैसनो कृपा तोय अबकी देखैलों वैसने करते रहियो उपाय।

हे काली माय गोर लगायी छी..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।