जप हर हर हर हर भोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जप हर हर हर हर भोला, गुरु महादेव॥

तोर पावे मा बिराजे गा भोला,चंदन खड़ुवा ॥

तोर कमर म बिराजे गा भोला,बघवा के छाला॥

जप हर हर हर हर गुरु महादेव ॥

तोर भुजा मा बिराजे गा भोला, तुलसी के माला॥

तोर गला मा बिराजे गा भोला,सरपन विकराला॥

जप हर हर,,,,,,,,,,,, गुरु माहादेव ॥

तोर मुड़ मा बिराजे गा भोला,दूज के चंदा॥

तोर जटा माँ बिराजे गा भोला, जग तरन गंगा॥

तोर सेवा ला बजाके "गौतम" रहिथे गा चंगा॥

जप हर हर हर हर भोला गुरु महादेव॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।