दिन जाए दिन आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिन जाए दिन आये उस दिन की क्या गिनती,

जो दिन भजन किये बिन जाए,

दिन जाए दिन आये उस दिन की क्या गिनती,

प्रथम किरण आने से पेहले पुण्ये प्रमाती गाये,

जागो जेह जीवन जन नायक वसुधा तुम्हे जगाए,

दिन जाए दिन आये उस दिन की क्या गिनती,

कुस्क काल जब नए दिवस का उच्वल सूर्ये उगाये,

जल देकर जीवन दाता को सभी ने शीश जुकाए,

दिन जाए दिन आये उस दिन की क्या गिनती,

आख कभी जब खुले रात में परम हंस को ध्याये,

सो हम हम सम हम सम सोहम अंतर नाग गुनाए

दिन जाए दिन आये उस दिन की क्या गिनती,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।