दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

हाथ जोड़ अरदास गुरु जी बक्श देयो खुशहाली

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

सबना दे वेहड़े भरदेना घर आँगन मेह्काना,

मेहर दया दी मेरे सतगुरु सब ते ही बरसाना

सुखा वाली होई सवेर कट जाए राते काली

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

दीपाली सा रोशन गुरु जी सब दा जीवन कर दो तू सी,

असी हां भूले भटके सुन लो गुरु जी

प्रेम दिला विच भरदो तुसी

फेर न अख न किसे दी रोवे न छलके आँख से पानी

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

इतनी सी बस अर्जी सुन लो सब पे किरपा कर दो,

सच का रसता सब नु दिखा के सब के अवगुण भर दो

चारे पासे किरपा बरसे एसी हो दीवाली

दीप जगे हर घर में हर घर में मने दीवाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।