अयोध्या में राम लाला की पावन जन्म भूमि पर

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अयोध्या में राम लाला की पावन जन्म भूमि पर,

दसरथ नंदन राम प्रभु का बन रहा है बंधन

धर्म सनातन का परिच्रम लेहरा रहा है

हर कोई जय श्री राम अवध में जप रहा है

जब त्रेता युग में चेत्र मॉस में श्री राम जन्मे दशरथ के घर,

अयोध्या में घर घर में तब छाई खुशियों की लेहर

श्री राम का बचपन है बीता अवध पूरी में रेह कर

नीति सूर्ये वंशी रघुकुल की वस् गई राम के अन्दर

लिखा हुआ है राम नाम का अक्षर हर इक पथर पर

अयोध्या में राम लाला की पावन जन्म भूमि पर,

चोदा वर्ष वनवास काट के जब आये सीता राम लखन

अयोध्या में दीप जला कर लोगो ने किया अभिनन्दन

किया राम ने कोशल्या ककाईसुमित्रा माँ को नमन

ध्याया अपनी जन्म भूमि अयोध्या को कर के वंदन

तू भी सचे मन से राम जन्म भूमि को वंदन कर

अयोध्या में राम लाला की पावन जन्म भूमि पर,

है विष्णु अवतारी राम मर्यादा पुरशोतम राम

सरव् कलाओं की हर नीति से अवगत है मेरे राम

चोदाह कलाओं से है समपर्ण मेरे प्रभु श्री राम

राम है दुःख बंजन हर्षण जपले जय श्री राम

राम भगत हनुमान होंगे अंग सगं तेरे भगती पथ पर

अयोध्या में राम लाला की पावन जन्म भूमि पर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।