तेरी राहो में पलके बिछाऊ

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॥ पावन पाठ ॥

तेरी राहो में पलके बिछाऊ के घर मेरे आओ साईं जी

हाल दिल वाला गा के मैं सुनाऊ के घर मेरे आओ साईं जी

कल कल कर के साल क्यों बिताए साईं

झोपडी मे मेरे कभी पैर क्यों न ढाले साईं

रोज आस लेके दीवा मैं जगाऊ

के घर मेरे आओ साईं जी

मेरे इन नसीबो वाले बंद बूहे खोल दे

आके मेरे पास कभी दुःख सुख फोल दे

दर आके मैं दुखड़ा सुनावा,

के घर मेरे आओ साईं जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।