सजी है राम की नगरी अयोध्या राम आये है

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सजी है राम की नगरी अयोध्या राम आये है

अयोध्या राम आये है अयोध्या राम आये है,

पर्तिक्षा रत प्रजा शबरी अयोध्या राम आये है,

बहादों प्रेम की गंगा प्खारो प्रभु के चरणों को,

बिछादो फूल पलको से अयोध्या राम आये है,

देख कर अपने प्रभु जी को मेरी आंखे उमड़ आई,

हुई रोशन मेरी गलियां अयोध्या राम आये है,

मेरी इस दुनिया में आ कर प्रभु जी अब नही जाना

गुरु ब्रिज मोहन करे वंदन/कैलाश देविंदर करे वंदन अयोध्या राम आये है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।