खाटू के श्याम धनि मुझे तेरा सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किस्मत का मारा हु ना कोई हमारा है

खाटू के श्याम धनि मुझे तेरा सहारा है,

इस झूठी दुनिया में मतलब के नाते है

आये संकट कोई तो मुह न दिखाते है,

मेरे साथ नही कोई बस तेरा सहारा है,

खाटू के श्याम धनि मुझे तेरा सहारा है,

धन दोलत पास मेरे जो इज्जत होती है

जब पास नही कुछ भी तो अखियाँ रोती है

फिर सूजे न बाबा मुझे कोई किनारा है

खाटू के श्याम धनि मुझे तेरा सहारा है,

सुरेश राजस्थानी जब गुण तेरे गाता है

तब हारे का साथी नीले चढ़ आता है

मेरा हाथ पकड़ बाबा मुझे पार उतारा है

खाटू के श्याम धनि मुझे तेरा सहारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।